Madhuban mile na mile,khushbu lutata hoon main,Diya hoon pyar ka,Muskurati hai , Ek tumhari dastak seubah,Ek tumhari dastak se & Lockdown ka roznamacha

Sale!

960.00


In stock

SKU: ANJUMANCOM001 Categories: , , , , Tag:

Description

Madhuban mile na mile- डॉ. विष्णु सक्सेना गीत उपवन के सुरीले भ्रमर हैं। मधुबन मिले न मिले वे ख़ुशबू लुटाते रहते हैं। उनके गीतों की ख़ुशबू देश-विदेश में गुंजरित हो रही है। जो एक बार उनको सुन लेता है उनका हो जाता है। नीरज उन्हें गीत के अस्तित्व का नवनीत मानते हैं। ऐसा ही सोम जी का कहना है। बहुत बड़ी मटकी से नवनीत थोड़ा सा निकलता है। हर उम्र के युवाओं को बेहद पसंद है यह नवनीत। प्रेम संवेदनों और स्फुरणों को बड़ी मात्रा में स्थानांतरित करने का कौशल रखते हैं विष्णु के गीत। निर्मल, निष्कलुष, मनमीत। हर बार दिलजीत। मुझे उम्मीद है, यह पुस्तक आपके मुख से भी गाएगी। – अशोक चक्रधर

khushbu lutata hoon main-डॉ. विष्णु सक्सेना गीत उपवन के सुरीले भ्रमर हैं। मधुबन मिले न मिले वे ख़ुशबू लुटाते रहते हैं। उनके गीतों की ख़ुशबू देश-विदेश में गुंजरित हो रही है। जो एक बार उनको सुन लेता है उनका हो जाता है। नीरज उन्हें गीत के अस्तित्व का नवनीत मानते हैं। ऐसा ही सोम जी का कहना है। बहुत बड़ी मटकी से नवनीत थोड़ा सा निकलता है। हर उम्र के युवाओं को बेहद पसंद है यह नवनीत। प्रेम संवेदनों और स्फुरणों को बड़ी मात्रा में स्थानांतरित करने का कौशल रखते हैं विष्णु के गीत। निर्मल, निष्कलुष, मनमीत। हर बार दिलजीत। मुझे उम्मीद है, यह पुस्तक आपके मुख से भी गाएगी। – अशोक चक्रधर

Diya hoon pyar ka- मेरे जीवन में जब मैंने प्रथम काव्य पाठ की शुरूआत की तो वह सबसे पहला मुक्तक ही था। अग्नि पुराण में मुक्तक को परिभाषित करते हुए कहा गया है कि ‘मुक्तकं श्लोकएवेकश्चमत्कार क्षम: सताम’ अर्थात चमत्कार की क्षमता रखने वाले एक ही श्लोक को मुक्तक कहते हैं। यह चमत्कार मैंने प्रत्यक्ष रुप में मंच पर अक्सर देखा भी है। जब मैं मुक्तकों से अपने काव्य पाठ का आरंभ करता हूँ तो प्रत्येक मुक्तक अपने आप में संपूर्ण कविता का आनंद दे रहा होता है। कई स्थानों पर तो ऐसा प्रतीत भी हुआ कि मुक्तकों के बाद गीत की आवश्यकता ही महसूस नहीं हुई सिर्फ़ औपचारिकता भर के लिए गीत सुनाना पड़ा। आरंभ से अब तक के सभी मुक्तक इस संकलन में संकलित हैं। अपने तमाम श्रोताओं, पाठकों और प्रशंसकों से अपेक्षा है कि मेरे अन्य संकलनों की तरह इस मुक्तक संग्रह ‘दिया हूँ प्यार का.’ को भी अपना भरपूर स्नेह दें।

Muskurati hai subah-न गीत लिखना आसान है और न ही ग़ज़ल कहना। सही मायने में ग़ज़ल के एक शेर में पूरी बात कहने का सलीक़ा अगर आ गया तो ग़ज़ल बहुत आसान लगने लगती है। मुशायरों में आने-जाने से शायर दोस्तों की सुहबत मिली तो ग़ज़ल कहने का शौक़ पैदा हो गया। धीरे-धीरे इतनी ग़ज़लें हो गईं कि लगने लगा कि इनकी तो एक किताब बनाई जा सकती है। कुछ शायर दोस्तों को दिखाईं तो सारी ग़ज़लें मुस्कुराने लगीं और अंजुमन प्रकाशन के स्पर्श से ‘मुस्कुराती है सुबह’ नाम से सारी ग़ज़लें दीवान में ढल गयीं। ये मैं अच्छी तरह से जानता हूँ कि मैं ग़ज़ल-गो नहीं हूँ इसलिए ग़ज़ल के जानकारों की नज़र में यह बहुत मामूली ग़ज़लें हो सकती हैं लेकिन मैं यह अच्छी तरह से जानता हूँ कि ये बहुत आसान ग़ज़लें हैं आसानी से समझ में आने वाले शेर हैं क्योंकि आसान लिखना बहुत मुश्किल होता है इसलिए इस प्रथम संग्रह में मैंने बहुत मुश्किल काम किया है।

Ek tumhari dastak se- ‘एक तुम्हारी दस्तक से’ मेरा तीसरा गीत संकलन है। इस संकलन में शृंगार के अतिरिक्त जीवन के अन्य पहलुओं पर भी लिखी हुई रचनाएँ समाहित हैं। ‘गीत अस्तित्व का नवनीत है’ यह आप्त वाक्य है मेरे आदर्श पद्म विभूषण गोपालदास नीरज जी का। मेरे संकलन के समस्त गीत, इस कथन को पूरी तरह पुष्ट करते हैं । मुझे उम्मीद है कि मेरे समस्त पाठक श्रोता और प्रशंसक इस गीत संकलन को भी अपना उतना ही स्नेह प्रदान करेंगे जितना मेरे पूर्व के दो गीत संकलनों को प्रदान किया है।

Lockdown ka roznamacha– यह महज़ एक किताब नहीं, एक दस्तावेज़ है उस मुश्किल घड़ी का जो भारत ही नहीं पूरी दुनिया पर एक साथ आयी । इस पुस्तक में मैंने कोरोना से सम्बन्धित कविताएँ, टिप्पणियाँ, रोज़ का कोरोना मीटर तथा एक प्रसिद्ध व्यक्ति का साक्षात्कार भी समाविष्ट किया । इससे पूरी पुस्तक को लिखने में मुझे बहुत वक्त लगा; लेकिन मुझे विश्वास है पाठकों को पढ़ने में यह बहुत रोचक लगेगी।

Book Details

Weight 632 g
Pages

632

Language

Hindi

Author

Vishnu Saxena

Publisher

Anjuman Prakashan

Reviews

Reviews

There are no reviews yet.

Be the first to review “Madhuban mile na mile,khushbu lutata hoon main,Diya hoon pyar ka,Muskurati hai , Ek tumhari dastak seubah,Ek tumhari dastak se & Lockdown ka roznamacha”

Your email address will not be published.