khvabon me bhi khyalon me bhi

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Description

इस किताब में वे बातें हैं जो अक्सर मेरे ख़्वाबों में आते रहे हैं और उनका ख़याल करते-करते आज उन ख़्वाबों ने कहानियों का रूप ले लिया है। हर कहानी मानवीय संवेदनाओं को झकझोरते हुए सामाजिक मानसिकता पर चोट करती है एवं उन विषयों को उजागर करती है जो आज भी हमारे गाँव एवं शहर के इर्द-गिर्द घूम रही है और समाज उन्हें ढोता आ रहा है। इस दुनियाँ में किसी छोर पर ऐसे परिवार हैं जो गरीब है, मगर उनमें अथाह प्रेम है और किसी छोर पर ऐसे भी परिवार का वास है, जो एक-दूसरे के हक को हढ़पने में लगे हैं। परिवार बिखरता जा रहा है, प्रेम मरता जा रहा है। ऐसी ही कई विचारों से सनी दस कहानियाँ किताब में हैं। इसमें शतरंज भी है और चालें भी। षड्यंत्र भी है और जिम्मेदारियाँ भी हैं। प्रेमी है और विधुर भी। अपराध है और न्याय भी। इसमें गुजरता समय है और समय की तलाश भी। कई सवाल हैं और सवालों के जवाब भी।.

Book Details

Weight 215 g
Dimensions 8.5 × 5.5 × 0.688 in
Edition

First

Language

Hindi

Binding

Paperback

Pages

172

ISBN

9789388556484

Publication Date

2020

Author

Pranay Kumar

Publisher

Anjuman Prakashan